Virsha Munda

Birsa Munda Jayanti भारत के महान जननायक, स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी समुदाय के मसीहा धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती है।

9 नवंबर 2025 को पूरे भारत में यह दिवस मनाया जाएगा।
भारत सरकार ने इसे जनजातीय गौरव दिवस के रूप में भी घोषित किया है।


🙏 Birsa Munda कौन थे?

बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को झारखंड के उलिहातु गाँव में हुआ।
उन्होंने आदिवासियों को अंग्रेजों के अन्याय से लड़ने की प्रेरणा दी।

उन्हें प्यार से कहा जाता है:

  • धरती आबा (धरती के पिता)
  • जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा
  • जनता के भगवान बिरसा

🎯 Birsa Munda का मुख्य उद्देश्य

  • अंग्रेजों के शोषण से आदिवासियों को बचाना
  • जंगल-जमीन व संस्कृति की रक्षा
  • शराब-नशा छोड़कर समाज को एकजुट करना

उन्होंने नारा दिया —
“अबुआ दिसुम अबुआ राज (हमारा देश, हमारा राज)”


बिरसा मुंडा आंदोलन (उलगुलान / महासंग्राम)

उलगुलान का अर्थ — महान जनक्रांति
यह आंदोलन अंग्रेजों और जमींदारों के खिलाफ लड़ा गया।

इसने आज़ादी की लड़ाई में नई ऊर्जा और दिशा दी।


🔥 Birsa Munda के जीवन की रोचक बातें

✅ बचपन से ही तेज, नेतृत्व गुण वाले
✅ 25 वर्ष की उम्र में पूरे झारखंड में नेता बन गए
✅ आदिवासी समाज को नशा-मुक्ति और शिक्षा का संदेश
✅ जत्था बनाकर जंगल संरक्षण और भूमि अधिकार आंदोलन
✅ मात्र 25 साल की उम्र में शहीद हो गए
✅ उनकी समाधि रांची, झारखंड में है (जलियांवाला से पहले का आंदोलन)


💬 Birsa Munda के प्रमुख विचार

विचारअर्थ
अबुआ दिसुम अबुआ राजहमारा देश हमारा शासन
धर्म, संस्कृति की रक्षाअपनी जड़ों से जुड़े रहो
नशा छोड़ोसमाज सुधार
एकता ही ताकतमिलकर संघर्ष करो

🎵 प्रेरक पंक्तियाँ / Tribals Song-Mantra (3 Languages)

🟧 Hindi

धरती आबा, वीर बिरसा,
संघर्ष की ज्वाला तुमने जलाई।
जन-जन के मन में स्वतंत्रता,
लड़ने की शक्ति तुमने जगाई।

🟩 Sadri (Tribal language line)

अबुआ दिसुम अबुआ राज, अबुआ भगवान बिरसा राज।

🟦 English Meaning

Our land, our rule.
Birsa taught us pride, courage and freedom.

🙌 Birsa Munda Jayanti कैसे मनाई जाती है?

  • उनके स्मारक पर श्रद्धांजलि
  • आदिवासी सांस्कृतिक नृत्य-गीत
  • इतिहास और आंदोलन का प्रदर्शन
  • स्कूल-कॉलेज में कार्यक्रम, निबंध
  • जनजातीय कलाओं और त्योहारों का प्रचार

🌺 Conclusion

बिरसा मुंडा सिर्फ नाम नहीं,
संघर्ष, साहस, आत्मसम्मान और स्वतंत्रता का प्रतीक हैं।

उनके संदेश को याद रखें —
“अपनी धरती, अपनी पहचान, अपना अधिकार।”

जय बिरसा, जय जनजातीय संस्कृति ✊🌿

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